New UP Super TET 2026 Syllabus— कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 का पूरा और सही सिलेबस

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने Super TET 2026 का संशोधित सिलेबस जारी कर दिया है, और इसमें परीक्षा का पूरा ढांचा ही बदल गया है। इस लेख में हम दोनों स्तरों — पहले कक्षा 1 से 5 (प्राइमरी) और फिर कक्षा 6 से 8 (अपर प्राइमरी) — का सिलेबस विषयवार, बिल्कुल सही और ताज़ा जानकारी के साथ समझेंगे।

New UP Super TET 2026 सिलेबस — कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 का पूरा और सही सिलेबस

सबसे पहले परीक्षा का नया ढांचा समझ लें

नए सिलेबस के साथ परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव हुआ है, और यह दोनों स्तरों (प्राइमरी व अपर प्राइमरी) के लिए एक जैसा है:

बिंदु विवरण
कुल प्रश्न 120
कुल अंक 360
प्रति प्रश्न अंक 3 अंक
नकारात्मक अंकन हर गलत उत्तर पर 1 अंक कटेगा
परीक्षा अवधि 120 मिनट (2 घंटे)
प्रश्न का प्रकार चार विकल्पों वाले बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्नपत्र की भाषा हिंदी और अंग्रेजी दोनों

यह ध्यान देने वाली बात है कि इस बार परीक्षा में नकारात्मक अंकन वापस आ गया है — हर गलत जवाब पर 1 अंक कटेगा। इसलिए अंदाज़े से जवाब देने से बचना चाहिए, खासकर तब जब दो विकल्पों के बीच पक्का यकीन न हो। चूंकि हर सही जवाब 3 अंक का है और हर गलत जवाब पर सिर्फ 1 अंक कटता है, इसलिए अगर किसी सवाल के दो विकल्प गलत होना पक्का हो और बाकी दो में अंदाज़ा लगाना पड़े, तो सोच-समझकर रिस्क लिया जा सकता है — लेकिन पूरी तरह अनजान सवालों पर अंदाज़ा लगाना नुकसानदेह हो सकता है।


पहला भाग: कक्षा 1 से 5 (प्राइमरी शिक्षक) का सिलेबस

प्राइमरी स्तर के लिए कुल 120 प्रश्न दस अलग-अलग विषयों में बंटे हैं। नीचे हर विषय के प्रश्नों की संख्या और मुख्य टॉपिक दिए गए हैं:

विषय प्रश्न मुख्य टॉपिक
सामान्य ज्ञान और समसामयिक मामले 25 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, उत्तर प्रदेश से जुड़ी घटनाएं, महत्वपूर्ण स्थान-व्यक्तित्व, किताबें-रचनाएं, पुरस्कार, खेल, भारतीय संस्कृति-कला
हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी 30 व्याकरण, बोधगम्यता, अनदेखे गद्यांश और पद्यांश
गणित 16 संख्यात्मक क्षमता, गणितीय संक्रियाएं, दशमलव, स्थानीय मान, भिन्न, ब्याज, लाभ-हानि, प्रतिशत, विभाज्यता, गुणनखंड, एकात्मक विधि, सामान्य बीजगणित, क्षेत्रफल-आयतन, औसत, अनुपात, सर्वसमिकाएं, ज्यामिति, सांख्यिकी
पर्यावरण और सामाजिक अध्ययन 8 पृथ्वी की संरचना, नदियां-पर्वत-महाद्वीप-महासागर, अक्षांश-देशांतर, सौरमंडल, भारतीय भूगोल, स्वतंत्रता संग्राम, संविधान, शासन प्रणाली, यातायात-सड़क सुरक्षा, भारतीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन
विज्ञान 8 दैनिक जीवन में विज्ञान, गति-बल-ऊर्जा, प्रकाश-ध्वनि, जीवों की दुनिया, मानव शरीर, स्वास्थ्य-स्वच्छता-पोषण, पर्यावरण-प्राकृतिक संसाधन, पदार्थ की अवस्थाएं
शिक्षण कौशल 8 शिक्षण की योजना-प्रबंधन, अधिगम के सिद्धांत, वर्तमान भारतीय समाज-प्राथमिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा के नए प्रयास, शैक्षिक मूल्यांकन-मापन, आरंभिक पठन कौशल, शैक्षिक प्रबंधन-प्रशासन
बाल मनोविज्ञान 8 वैयक्तिक भिन्नताएं, बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक, सीखने की आवश्यकता की पहचान, सीखने का माहौल बनाना, सीखने के सिद्धांत और कक्षा में उनका प्रयोग, दिव्यांग छात्रों हेतु विशेष व्यवस्था
जीवन कौशल, प्रबंधन एवं अभिवृत्ति 8 व्यावसायिक आचरण-नीति, प्रेरणा, शिक्षक की भूमिका (सुविधादाता, अनुश्रवणकर्ता, नेतृत्वकर्ता, परामर्शदाता), संवैधानिक-मानवीय मूल्य, पुरस्कार-दंड व्यवस्था का प्रभावी प्रयोग
तार्किक ज्ञान 5 सादृश्य, अभिकथन-तर्क, द्विआधारी तर्क, वर्गीकरण, घड़ी-कैलेंडर, कोडिंग-डिकोडिंग, कोडित असमानताएं, आलोचनात्मक तर्क, संख्या श्रृंखला, पहेलियां, प्रतीक-संकेत, वेन आरेख, पासा, दिशा ज्ञान, समूहीकरण-चयन, अक्षर श्रृंखला
सूचना तकनीकी 4 कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफोन, ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज (OER), शिक्षण में उपयोगी ऐप्स, डिजिटल शिक्षण सामग्री
कुल 120

इस टेबल से साफ है कि सबसे ज्यादा भार भाषा (हिंदी-संस्कृत-अंग्रेजी, 30 प्रश्न) और सामान्य ज्ञान (25 प्रश्न) को दिया गया है, उसके बाद गणित (16 प्रश्न) का नंबर आता है। बाकी विषयों — विज्ञान, पर्यावरण-सामाजिक अध्ययन, शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान और जीवन कौशल — में बराबर-बराबर 8-8 प्रश्न हैं। सूचना तकनीकी और तार्किक ज्ञान में सबसे कम प्रश्न (क्रमशः 4 और 5) पूछे जाते हैं।


दूसरा भाग: कक्षा 6 से 8 (अपर प्राइमरी शिक्षक) का सिलेबस

कक्षा 6 से 8 यानी उच्च प्राथमिक स्तर का पेपर प्राइमरी से काफी अलग तरीके से बना है। यहां कुल 120 प्रश्न होते हैं, लेकिन पूरा पेपर दो हिस्सों (खंड) में बंटा होता है:

खंड विषय प्रश्न
खंड 1 सामान्य ज्ञान एवं तार्किक ज्ञान (अनिवार्य, सभी के लिए) 30
खंड 2 चयनित शिक्षण विषय (अपने पद के अनुसार चुनें) 90
कुल 120

खंड 1 — सामान्य ज्ञान (सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य)

यह हिस्सा सभी अभ्यर्थियों को करना होता है, चाहे वे किसी भी विषय (भाषा/सामाजिक अध्ययन/विज्ञान-गणित) के लिए आवेदन कर रहे हों। इसमें ये टॉपिक शामिल हैं:

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय समसामयिक मामले, भारतीय इतिहास, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय भूगोल, भारतीय राजनीति-शासन, संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, आर्थिक-सामाजिक विकास, सतत विकास, गरीबी और जनसंख्या से जुड़े मुद्दे, पर्यावरण-पारिस्थितिकी, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, सामान्य विज्ञान, और साथ ही तार्किक क्षमता जांचने के लिए सादृश्य, अभिकथन-तर्क, वर्गीकरण, घड़ी-कैलेंडर, कोडिंग-डिकोडिंग जैसे रीज़निंग टॉपिक भी।

खंड 2 — अपने शिक्षण विषय के हिसाब से चयन (90 प्रश्न)

यहीं पर सबसे बड़ा अंतर आता है — कक्षा 6-8 का पेपर अभ्यर्थी के आवेदन किए हुए पद के हिसाब से बंटा होता है। जिस पद के लिए आवेदन किया है, उसी विषय के 90 प्रश्न आते हैं:

  • भाषा शिक्षक पद — हिंदी, अंग्रेज़ी या संस्कृत में से कोई एक भाषा (जो पद के लिए चुनी हो)
  • सामाजिक अध्ययन शिक्षक पद — सामाजिक अध्ययन विषय
  • विज्ञान एवं गणित शिक्षक पद — विज्ञान और गणित दोनों मिलाकर

यानी अपर प्राइमरी शिक्षक बनने की तैयारी करते समय सबसे पहले यह तय करना ज़रूरी है कि आप किस पद (भाषा / सामाजिक अध्ययन / विज्ञान-गणित) के लिए आवेदन करेंगे, क्योंकि 90 में से 90 प्रश्न उसी विषय पर आधारित होंगे।

भाषा शिक्षक के लिए टॉपिक

हिंदी, अंग्रेज़ी और संस्कृत — तीनों भाषाओं का सिलेबस लगभग एक जैसे ढांचे पर बना है: संबंधित भाषा व साहित्य का इतिहास, व्याकरण, अनदेखे गद्य और पद्य अंश, प्रमुख लेखक-कवि, और उनकी महत्वपूर्ण रचनाएं।

सामाजिक अध्ययन शिक्षक के लिए टॉपिक

यह सबसे विस्तृत विषय है, जिसे कई भागों में बांटा गया है:

  • प्राचीन इतिहास — इतिहास के स्रोत, प्रागैतिहासिक संस्कृतियां, ताम्रपाषाण संस्कृति, वैदिक संस्कृति, प्रारंभिक भारतीय राज्य
  • मध्यकालीन इतिहास — मौर्य साम्राज्य, गुप्त काल, राजपूत इतिहास, दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य
  • आधुनिक इतिहास — यूरोपीय शक्तियों का आगमन, ब्रिटिश शासन की स्थापना-विस्तार, भारतीय पुनर्जागरण, राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन, विभाजन
  • भारतीय समाज और शासन — ग्रामीण-शहरी समाज, स्थानीय स्वशासन, जिला प्रशासन, संविधान, केंद्र-राज्य सरकारें, लोकतंत्र, नागरिकता
  • राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मामले — राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति, सड़क सुरक्षा
  • भूगोल — पृथ्वी और सौरमंडल, ग्लोब, पृथ्वी की गतियां, मानचित्र निर्माण, पृथ्वी के चार मंडल, प्रमुख भू-आकृतियां
  • भारतीय भूगोल — भौतिक विशेषताएं, मिट्टी, वनस्पति, वन्यजीव, जलवायु, आर्थिक संसाधन
  • उत्तर प्रदेश का भूगोल — भौगोलिक स्थिति, राजनीतिक विभाजन, जलवायु, मिट्टी, वनस्पति, वन्यजीव, कृषि, खनिज
  • अर्थव्यवस्था और जनसंख्या — उद्योग, जनसंख्या, शहरीकरण, खनिज संसाधन, भारतीय अर्थव्यवस्था
  • पर्यावरण — वायुमंडल, जलमंडल, प्राकृतिक क्षेत्र, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण, अपशिष्ट-आपदा प्रबंधन

विज्ञान एवं गणित शिक्षक के लिए टॉपिक

इस पद के लिए विज्ञान और गणित — दोनों विषयों की तैयारी करनी होती है:

गणित:

  • संख्या प्रणाली — प्राकृतिक, पूर्ण, परिमेय, पूर्णांक और अपरिमेय संख्याएं
  • अंकगणित — LCM-HCF, वर्गमूल-घनमूल, अनुपात-समानुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि, साधारण-चक्रवृद्धि ब्याज
  • बीजगणित — बीजीय व्यंजक, घातें, रैखिक व द्विघात समीकरण, युगपत समीकरण, घातांक
  • ज्यामिति — समांतर रेखाएं, चतुर्भुज, त्रिभुज, वृत्त, स्पर्श रेखाएं
  • सांख्यिकी और डेटा — माध्य-माध्यिका-बहुलक, बार ग्राफ, पाई चार्ट
  • संभावना और क्षेत्रमिति — बुनियादी संभावना, मापन संबंधी गणनाएं
  • त्रिकोणमिति — बुनियादी त्रिकोणमिति

विज्ञान:

  • जीवविज्ञान — सजीव-निर्जीव वस्तुएं, जीवों-पादपों-जंतुओं का वर्गीकरण, अनुकूलन
  • सूक्ष्मजीवविज्ञान और स्वास्थ्य — सूक्ष्मजीव, रोग, कोशिकाएं, अंग तंत्र, किशोरावस्था
  • खाद्य और पोषण — भोजन, स्वास्थ्य-स्वच्छता, फसल उत्पादन, विटामिन-खनिज
  • मानव जीवविज्ञान — प्रजनन, श्वसन, उत्सर्जन, हार्मोन, रक्त संरचना-समूह
  • भौतिक विज्ञान — मापन, विद्युत धारा, चुंबकत्व, गति-बल, ऊर्जा, ध्वनि, प्रकाश-प्रकाशीय उपकरण
  • वायु-पर्यावरण और जल-प्रदूषण — वायु के गुणधर्म, ओजोन परत, ग्रीनहाउस प्रभाव, जल संरक्षण
  • पदार्थ और रसायन विज्ञान — पदार्थ के गुणधर्म-पृथक्करण, अम्ल-क्षार-लवण
  • ऊष्मा, धातुएं और आधुनिक विज्ञान — गर्मी-तापमान, खनिज-धातुएं, कार्बन यौगिक, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, आवर्त सारणी

प्राइमरी और अपर प्राइमरी पेपर में क्या फर्क है

दोनों स्तरों के पेपर की बनावट में बुनियादी अंतर यह है कि प्राइमरी (कक्षा 1-5) का पेपर व्यापक-आधारित है — इसमें भाषा, गणित, सामान्य ज्ञान और शिक्षण से जुड़े विषयों को लगभग बराबर तवज्जो दी गई है। वहीं अपर प्राइमरी (कक्षा 6-8) का पेपर विषय-विशेषज्ञता आधारित है — इसका तीन-चौथाई हिस्सा (90 में से 90 प्रश्न) सिर्फ उसी विषय पर केंद्रित होता है जिसके लिए अभ्यर्थी ने आवेदन किया है।

इसका सीधा मतलब है कि दोनों स्तरों की तैयारी एक जैसी रणनीति से नहीं हो सकती। प्राइमरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवार को हर विषय पर बराबर ध्यान देना होगा, जबकि अपर प्राइमरी की तैयारी करने वाले को सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्नों के साथ-साथ अपने चुने हुए विषय (भाषा/सामाजिक अध्ययन/विज्ञान-गणित) पर सबसे ज्यादा मेहनत करनी होगी, क्योंकि वहीं से सबसे ज्यादा नंबर बनेंगे।


तैयारी के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव

  1. सबसे पहले यह तय करें कि आप प्राइमरी (1-5) के लिए तैयारी कर रहे हैं या अपर प्राइमरी (6-8) के लिए — दोनों का सिलेबस और रणनीति अलग है।
  2. अपर प्राइमरी में आवेदन से पहले ही यह तय कर लें कि भाषा, सामाजिक अध्ययन या विज्ञान-गणित में से किस विषय के पद के लिए आवेदन करना है, क्योंकि सिलेबस का बड़ा हिस्सा उसी पर निर्भर करेगा।
  3. चूंकि अब नकारात्मक अंकन है, इसलिए मॉक टेस्ट के दौरान सटीकता (accuracy) पर उतना ही ध्यान दें जितना स्पीड पर।
  4. जिन विषयों में सबसे ज्यादा प्रश्न हैं (प्राइमरी में भाषा और सामान्य ज्ञान, अपर प्राइमरी में चयनित विषय), उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तैयार करें।
  5. समसामयिक घटनाओं (करेंट अफेयर्स) के लिए नियमित रूप से समाचार पढ़ने की आदत डालें, क्योंकि यह दोनों स्तरों पर अच्छा-खासा वेटेज रखता है।

एक ज़रूरी सावधानी

Super TET 2026 का सिलेबस पिछले कुछ महीनों में एक से ज्यादा बार अलग-अलग स्रोतों पर अलग-अलग रूप में सामने आया है — कहीं परीक्षा 150 अंकों की और बिना नकारात्मक अंकन के बताई गई, तो हाल ही में (सितंबर 2026 की शुरुआत में) जारी हुए दस्तावेज़ों में यह 120 प्रश्न, 360 अंक और नकारात्मक अंकन वाला बताया गया है। ऊपर दी गई जानकारी सबसे ताज़ा उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है, फिर भी आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसलिए आवेदन करने और अंतिम तैयारी शुरू करने से पहले upbasiceduboard.gov.in या updeled.gov.in पर जाकर आधिकारिक सिलेबस PDF ज़रूर जांच लें, ताकि किसी भी बदलाव से चूक न हो।

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