मैंने CTET कैसे पास किया? मेरी पूरी तैयारी की कहानी | Previous Year Questions + Sachin Sir Strategy

मैंने CTET कैसे पास किया? मेरी पूरी कहानी

जब मैंने पहली बार CTET (Central Teacher Eligibility Test) का फॉर्म भरा था, तब मेरे मन में भी वही सवाल थे जो आज हजारों अभ्यर्थियों के मन में होते हैं। क्या इतनी बड़ी परीक्षा मैं पास कर पाऊँगा? क्या मेरी तैयारी सही दिशा में है? क्या मुझे बहुत सारी किताबें पढ़नी होंगी? या कोई ऐसी रणनीति है जिससे कम समय में बेहतर तैयारी हो सके?

आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो महसूस होता है कि CTET पास करने का सबसे बड़ा कारण घंटों पढ़ाई करना नहीं था, बल्कि सही दिशा में पढ़ाई करना था।

मैंने अपनी तैयारी का आधार दो चीजों को बनाया—

  • Previous Year Question Papers
  • सचिन सर के YouTube वीडियो

यही दो चीजें मेरी तैयारी की रीढ़ बन गईं।

मैंने CTET कैसे पास किया – Previous Year Questions और सचिन सर की मदद से मेरी तैयारी की पूरी कहानी

शुरुआत में मैंने जो सबसे बड़ी गलती की

सच कहूँ तो शुरुआत में मैंने वही गलती की जो लगभग हर नया अभ्यर्थी करता है।

मैंने कई किताबें खरीद लीं।

हर YouTube चैनल देखने लगा।

हर Telegram PDF डाउनलोड करने लगा।

किसी ने कहा Lucent पढ़ो, किसी ने कहा NCERT पढ़ो, किसी ने कहा Notes बनाओ, किसी ने कहा 15 घंटे पढ़ो।

पर नतीजा क्या हुआ?

मैं रोज पढ़ता था लेकिन समझ नहीं आता था कि आखिर परीक्षा में पूछा क्या जाएगा।

ऐसा लगने लगा कि सिलेबस कभी खत्म ही नहीं होगा।

धीरे-धीरे आत्मविश्वास कम होने लगा।

फिर मेरी तैयारी का तरीका पूरी तरह बदल गया

एक दिन मैंने सोचा कि आखिर परीक्षा लेने वाला बोर्ड हर साल किस तरह के प्रश्न पूछता है।

मैंने सबसे पहले पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र डाउनलोड किए।

पहला पेपर हल किया।

फिर दूसरा।

फिर तीसरा।

धीरे-धीरे मुझे समझ आने लगा कि CTET में हर साल कई प्रश्न एक जैसी अवधारणा (Concept) से पूछे जाते हैं।

प्रश्न बदलते हैं लेकिन उनका आधार लगभग वही रहता है।

यहीं से मेरी सोच बदल गई।

अब मैं किताबें खत्म करने के पीछे नहीं भाग रहा था।

मैं Concept समझने के पीछे भाग रहा था।

सचिन सर के वीडियो ने सबसे ज्यादा कहाँ मदद की

मैंने YouTube पर सचिन सर के वीडियो देखने शुरू किए।

मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि वे केवल उत्तर याद नहीं कराते थे।

वे बताते थे कि प्रश्न क्यों पूछा गया है।

उसका Concept क्या है।

यदि यही प्रश्न दूसरी भाषा में पूछा जाए तो कैसे हल करेंगे।

यही तरीका मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया।

मैं वीडियो देखने के बाद उसी Topic के Previous Year Questions हल करता था।

इससे दो फायदे हुए—

पहला, Concept मजबूत हो गया।

दूसरा, वही गलती दोबारा नहीं हुई।

धीरे-धीरे मेरा Accuracy Level बढ़ने लगा।

मैंने किताबों की जगह Question Practice पर ज्यादा ध्यान दिया

पहले मैं सोचता था कि पूरी किताब खत्म होगी तभी तैयारी पूरी होगी।

लेकिन बाद में समझ आया कि CTET Knowledge की नहीं, समझ (Understanding) की परीक्षा है।

अगर आपने 1000 पेज पढ़ लिए लेकिन प्रश्न हल नहीं किए, तो परीक्षा में दिक्कत आएगी।

दूसरी ओर यदि आपने Concept समझकर सैकड़ों Previous Year Questions हल किए हैं, तो नए प्रश्न भी आसानी से हल हो जाते हैं।

इसी वजह से मैंने अपनी तैयारी में लगभग हर दिन प्रश्न हल करना शुरू कर दिया।

मेरी Daily Study Routine

मैंने कोई बहुत कठिन टाइम-टेबल नहीं बनाया।

मैंने ऐसा रूटीन चुना जिसे रोज निभा सकूँ।

सुबह लगभग 2 घंटे Concept पढ़ता था।

दोपहर में Previous Year Questions हल करता था।

शाम को सचिन सर का वीडियो देखकर उसी Topic का Revision करता था।

रात में पूरे दिन की गलतियों को दोबारा देखता था।

इस Routine का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि पढ़ी हुई चीजें जल्दी भूलती नहीं थीं।

Previous Year Questions ने मेरा आत्मविश्वास कैसे बढ़ाया

शुरुआत में जब मैं प्रश्न हल करता था तो कई उत्तर गलत हो जाते थे।

लेकिन मैंने गलत उत्तर देखकर निराश होना छोड़ दिया।

मैं हर गलत प्रश्न के पीछे का कारण लिखता था।

कुछ दिनों बाद मैंने महसूस किया कि मेरी वही गलतियाँ दोबारा नहीं हो रही थीं।

धीरे-धीरे मेरा Score बढ़ने लगा।

यही छोटी-छोटी सफलताएँ मेरे आत्मविश्वास का आधार बनीं।

अब मुझे लगने लगा था कि अगर मैं इसी तरह लगातार अभ्यास करता रहा, तो CTET पास करना संभव है।

मेरी सबसे बड़ी सीख

CTET पास करने के लिए सबसे जरूरी चीज घंटों पढ़ाई नहीं है।

सबसे जरूरी है सही दिशा में पढ़ाई करना।

कम पढ़िए, लेकिन समझकर पढ़िए।

कम किताबें रखिए, लेकिन उन्हें बार-बार दोहराइए।

हर Topic के बाद प्रश्न हल कीजिए।

गलतियों से सीखिए।

और सबसे महत्वपूर्ण—लगातार अभ्यास करते रहिए।

यही रणनीति मेरे लिए काम आई और मेरी तैयारी पहले से कहीं अधिक मजबूत होती चली गई।

Previous Year Questions से मैंने क्या सीखा?

शुरुआत में मुझे लगता था कि Previous Year Question केवल प्रैक्टिस के लिए होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे मैंने उन्हें हल करना शुरू किया, मुझे समझ आया कि यही मेरी सबसे बड़ी तैयारी बन गए।

लगभग हर पेपर में कुछ ऐसे टॉपिक बार-बार दिखाई देते थे जिनसे प्रश्न हर साल किसी न किसी रूप में पूछे जाते हैं। प्रश्न की भाषा बदल जाती थी, लेकिन Concept वही रहता था।

मैंने एक कॉपी बनाई और उसमें उन सभी टॉपिक की लिस्ट लिखनी शुरू की जो बार-बार पूछे जा रहे थे। धीरे-धीरे मेरी तैयारी बिल्कुल Target Based हो गई।

अब मैं पूरे सिलेबस को रटने की जगह केवल उन Concept पर ज्यादा समय देता था जिनकी परीक्षा में सबसे ज्यादा संभावना थी।

यहीं से मेरी तैयारी आसान होने लगी।

मैंने Mock Test कब शुरू किए?

पहले मैं Mock Test देने से डरता था।

मुझे लगता था कि कम नंबर आए तो आत्मविश्वास टूट जाएगा।

लेकिन सच तो यह है कि Mock Test ही बताते हैं कि आपकी तैयारी कितनी सही दिशा में चल रही है।

मैंने शुरुआत में सप्ताह में केवल एक Mock Test दिया।

फिर दो।

फिर परीक्षा के अंतिम दिनों में लगभग रोज एक Full Mock Test देने लगा।

हर Test के बाद मैं केवल नंबर नहीं देखता था।

मैं यह देखता था—

  • कौन से प्रश्न गलत हुए?
  • गलती Concept की थी या जल्दबाजी की?
  • किस Subject में सबसे ज्यादा सुधार की जरूरत है?

यही Analysis मेरी सबसे बड़ी ताकत बन गया।

Child Development and Pedagogy की तैयारी कैसे की?

CTET का सबसे महत्वपूर्ण Subject मुझे Child Development and Pedagogy लगा।

शुरुआत में इसके प्रश्न कठिन लगते थे क्योंकि इनमें सीधे तथ्य कम और समझ ज्यादा पूछी जाती है।

मैंने सबसे पहले सभी प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांत समझे।

फिर उनके Previous Year Questions हल किए।

सचिन सर की सबसे अच्छी बात यह लगी कि वे केवल Theory नहीं बताते थे, बल्कि Exam में Question कैसे पूछा जाता है, यह भी समझाते थे।

इससे Pedagogy मेरे लिए धीरे-धीरे आसान होती गई।

Mathematics में मैंने क्या Strategy अपनाई?

Maths में मैंने Formula याद करने से ज्यादा Practice पर ध्यान दिया।

मैंने रोज 20 से 30 प्रश्न हल करने का नियम बनाया।

जो प्रश्न गलत होते थे उन्हें अगले दिन दोबारा हल करता था।

धीरे-धीरे Speed भी बढ़ने लगी और Accuracy भी।

मैंने महसूस किया कि CTET में बहुत कठिन गणित नहीं पूछी जाती।

अगर Basic Concept मजबूत हो जाए तो अच्छे अंक आसानी से लाए जा सकते हैं।

EVS की तैयारी कैसे की?

Environmental Studies में मैंने NCERT की मदद ली।

लेकिन केवल पढ़ने से काम नहीं चला।

हर Chapter के बाद Previous Year Questions हल किए।

इससे समझ आया कि किन Topics से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं।

मैंने महत्वपूर्ण Facts अलग से लिख लिए और उनका हर सप्ताह Revision करता रहा।

Hindi और English की तैयारी

Language Section में मैंने सबसे ज्यादा ध्यान Pedagogy पर दिया।

क्योंकि केवल Grammar पढ़ने से अच्छे अंक नहीं आते।

CTET में Teaching Method, Classroom Situation और Language Learning से जुड़े प्रश्न भी काफी आते हैं।

मैंने रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ा लेकिन नियमित पढ़ा।

यही मेरी सबसे बड़ी Strategy रही।

Revision ने मेरी तैयारी बदल दी

पहले मैं नई-नई चीजें पढ़ता रहता था।

लेकिन बाद में समझ आया कि Revision के बिना मेहनत का पूरा फायदा नहीं मिलता।

मैंने हर रविवार केवल Revision रखा।

उस दिन कोई नया Topic नहीं पढ़ता था।

सिर्फ वही दोहराता था जो पूरे सप्ताह पढ़ा था।

इस आदत से मुझे परीक्षा तक लगभग हर महत्वपूर्ण Topic याद रहा।

Exam से 15 दिन पहले मैंने क्या किया?

यह समय मेरी तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था।

मैंने नई किताब खरीदना बंद कर दिया।

नए Notes देखने बंद कर दिए।

Telegram से PDF डाउनलोड करना बंद कर दिया।

YouTube पर नई Strategy देखना भी बंद कर दिया।

अब केवल तीन काम करता था—

  • Previous Year Questions
  • Mock Test
  • Revision

यही तीन चीजें मेरी पूरी तैयारी का आधार बन गईं।

Exam वाले दिन मेरा अनुभव

परीक्षा वाले दिन थोड़ा तनाव था, लेकिन घबराहट नहीं थी।

क्योंकि मैंने जितना पढ़ा था, उसे कई बार दोहरा चुका था।

पेपर देखकर सबसे पहले वही प्रश्न हल किए जो पूरी तरह आते थे।

कठिन प्रश्नों को बाद के लिए छोड़ दिया।

इससे समय भी बचा और आत्मविश्वास भी बना रहा।

पेपर खत्म होने से पहले मैंने पूरे OMR को दोबारा चेक किया।

यह छोटी सी आदत बहुत काम आई।

मेरी सबसे बड़ी गलती जिससे आपको बचना चाहिए

मैंने शुरुआत में बहुत सारे YouTube Channel Follow किए।

हर Teacher अलग Strategy बता रहा था।

इससे मैं Confuse हो गया।

बाद में मैंने केवल एक Strategy अपनाई और उसी पर लगातार काम किया।

अगर आप रोज अपनी Strategy बदलते रहेंगे तो तैयारी कभी पूरी नहीं होगी।

Consistency ही सबसे बड़ी सफलता है।

अगर आज कोई मुझसे पूछे कि CTET कैसे पास करें?

तो मेरा जवाब बहुत सरल होगा—

✔️ पहले Syllabus समझिए।

✔️ फिर Previous Year Questions हल कीजिए।

✔️ जिस Topic में कमजोरी है, उसी का Concept मजबूत कीजिए।

✔️ रोज थोड़ा पढ़िए लेकिन रोज पढ़िए।

✔️ Mock Test दीजिए।

✔️ गलतियों की List बनाइए।

✔️ हर सप्ताह Revision कीजिए।

✔️ परीक्षा से पहले नई किताबों के पीछे मत भागिए।

मेरी अंतिम सलाह

अगर मैं CTET पास कर सकता हूँ, तो आप भी कर सकते हैं।

इस परीक्षा में सफलता केवल तेज दिमाग वालों को नहीं मिलती।

सफलता उन्हें मिलती है जो रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ते हैं, अपनी गलतियों से सीखते हैं और हार नहीं मानते।

याद रखिए—

CTET कोई किस्मत का खेल नहीं है।

यह सही Strategy, लगातार Practice और Previous Year Questions को समझकर हल करने की परीक्षा है।

मेरी पूरी तैयारी का सार सिर्फ एक लाइन में यही है—

“कम किताबें पढ़िए, Concept समझिए, Previous Year Questions बार-बार हल कीजिए और नियमित Revision कीजिए।”

अगर आप इस Strategy को ईमानदारी से अपनाते हैं, तो CTET पास करना आपके लिए भी पूरी तरह संभव है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आप इस लेख को यहाँ तक पढ़ चुके हैं, तो मैं आपसे केवल एक बात कहना चाहूँगा।

CTET कोई ऐसी परीक्षा नहीं है जिसे केवल टॉपर ही पास कर सकते हैं। यह एक ऐसी परीक्षा है जिसमें सही दिशा में की गई तैयारी सबसे अधिक मायने रखती है। मैंने भी शुरुआत में कई गलतियाँ कीं। कभी बहुत सारी किताबें खरीद लीं, कभी हर शिक्षक की अलग-अलग रणनीति अपनाने लगा, तो कभी बिना योजना के पढ़ाई करता रहा। लेकिन जब मैंने अपनी तैयारी को सीमित संसाधनों तक रखा और रोज़ाना नियमित अभ्यास शुरू किया, तभी मुझे वास्तविक बदलाव दिखाई दिया।

मेरी तैयारी का सबसे मजबूत आधार Previous Year Question Papers रहे। इन प्रश्नों ने मुझे यह समझने में मदद की कि CTET में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, किन विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए। इसके साथ ही सचिन सर के वीडियो ने कठिन विषयों को सरल भाषा में समझने में काफी सहायता की। जब भी कोई टॉपिक समझ नहीं आता था, मैं पहले उसे वीडियो के माध्यम से समझता और फिर उसी विषय के पिछले वर्षों के प्रश्न हल करता था। इससे मेरा Concept भी मजबूत हुआ और आत्मविश्वास भी बढ़ा।

मैंने यह भी सीखा कि रोज़ 10–12 घंटे पढ़ने से ज्यादा जरूरी है कि आप जो पढ़ रहे हैं उसे सही तरीके से समझें। अगर आप रोज़ 4–5 घंटे भी पूरी ईमानदारी और फोकस के साथ पढ़ते हैं, नियमित Revision करते हैं और Mock Test देते हैं, तो अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

आज भी अगर कोई मुझसे पूछता है कि CTET पास करने का सबसे आसान तरीका क्या है, तो मेरा जवाब यही होगा—

  • पहले पूरा Syllabus समझिए।
  • Previous Year Question Papers बार-बार हल कीजिए।
  • Concept Clear कीजिए, केवल रटिए मत।
  • हर सप्ताह Revision कीजिए।
  • परीक्षा से पहले नई किताबों और नई Strategy के पीछे मत भागिए।
  • अपने ऊपर भरोसा रखिए और लगातार मेहनत करते रहिए।

अगर मेरी यह तैयारी की कहानी आपको थोड़ी भी प्रेरणा देती है या आपकी तैयारी को सही दिशा देती है, तो मुझे खुशी होगी कि मेरा अनुभव किसी और के काम आया।

याद रखिए—

“सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन हर दिन की गई सही तैयारी एक दिन सफलता जरूर दिलाती है।”

आप सभी अभ्यर्थियों को आने वाले CTET Exam के लिए मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या केवल Previous Year Question Papers से CTET पास किया जा सकता है?

केवल प्रश्नपत्र हल करना पर्याप्त नहीं है। लेकिन यदि आप Previous Year Questions के साथ उनके Concepts को अच्छी तरह समझते हैं और नियमित Revision करते हैं, तो आपकी सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।

2. CTET की तैयारी के लिए सचिन सर के वीडियो कितने उपयोगी हैं?

यदि आपको उनकी पढ़ाने की शैली समझ आती है, तो उनके वीडियो कठिन Concepts को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन सफलता के लिए केवल वीडियो देखना काफी नहीं है। Practice और Revision भी उतने ही जरूरी हैं।

3. CTET के लिए रोज़ कितने घंटे पढ़ना चाहिए?

घंटों से ज्यादा महत्वपूर्ण आपकी पढ़ाई की गुणवत्ता है। यदि आप रोज़ 4 से 6 घंटे फोकस के साथ पढ़ते हैं, नियमित अभ्यास करते हैं और Revision करते हैं, तो अच्छी तैयारी की जा सकती है।

4. CTET में सबसे ज्यादा स्कोर कैसे बढ़ाया जा सकता है?

बार-बार पूछे जाने वाले Topics पर मजबूत पकड़ बनाकर, Mock Test देकर, Previous Year Questions हल करके और अपनी गलतियों का विश्लेषण करके स्कोर बढ़ाया जा सकता है।

5. क्या CTET में NCERT पढ़ना जरूरी है?

हाँ, विशेष रूप से EVS, Mathematics और Child Development & Pedagogy के कई Concepts समझने के लिए NCERT उपयोगी रहती है। हालांकि इसे Previous Year Questions के साथ पढ़ना अधिक प्रभावी होता है।

6. परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में क्या करना चाहिए?

इस समय नई किताबें या नया Study Material शुरू करने की बजाय Revision, Mock Test और Previous Year Question Papers पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

7. CTET पास करने के बाद क्या अवसर मिलते हैं?

CTET क्वालिफाई करने के बाद आप केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और कई राज्यों की शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में पात्रता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। हालांकि अंतिम चयन संबंधित भर्ती के नियमों पर निर्भर करता है।

अंतिम संदेश

अगर आप अभी CTET की तैयारी शुरू कर रहे हैं, तो खुद पर भरोसा रखें। शुरुआत चाहे जैसी भी हो, सही रणनीति और नियमित मेहनत आपको मंज़िल तक जरूर पहुँचाएगी। हो सकता है आज आप संघर्ष कर रहे हों, लेकिन आने वाले समय में आपकी सफलता की कहानी भी किसी और के लिए प्रेरणा बन सकती है।

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